उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में दीपावली के जश्न के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गोलगप्पे खाने के बाद 150 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बीमार होने वालों में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं, कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका जिला मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
गोलगप्पे खाने के बाद 3 गांवों के लोग बीमार
मामला खेसरहा थाना क्षेत्र के कलनाखोर पेड़ारी और आसपास के दो-तीन गांवों का है। जानकारी के मुताबिक, इलाके में घूमकर गोलगप्पे बेचने वाले एक स्थानीय विक्रेता से ग्रामीणों ने गोलगप्पे खाए थे। बताया जा रहा है कि इसे खाने के कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक लोगों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए।

उल्टी-दस्त और पेट दर्द के बाद अस्पतालों में मची अफरा-तफरी
शुरुआत में परिजनों ने बीमार लोगों को स्थानीय छोटे अस्पतालों और दवाखानों में पहुंचाया। लेकिन जब लोगों की हालत में सुधार नहीं हुआ और शिकायतें बढ़ने लगीं, तो उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा और नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी प्रभावित लोगों को जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
बच्चों की हालत पर विशेष नजर
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ज्यादातर मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ छोटे बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है और उनका उपचार जारी है।
दीपावली जैसे त्योहार पर एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से गांवों में चिंता और डर का माहौल है। फिलहाल फूड पॉइजनिंग के कारणों की पुष्टि और खाद्य पदार्थ की जांच को लेकर आगे की जानकारी सामने आना बाकी है।
गोद भराई की दावत बनी आफत!
इससे पहले यूपी के बुलंदशहर में गोद भराई की खुशी पल भर में आफत बन गई थी, जब दावत खाने के बाद करीब 50 से 60 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई।
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